गुरुवार, 2 अप्रैल 2009

एक पाती बच्चों के नाम /गीतकार प्रसून जोशी


एक लाइन ने बदल दी जिंदगी!

दोस्तों,
बार मैं हापुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के एसी कंपार्टमेंट में बैठा ट्रेन चालू होने का रास्ता देख रहा था। मैं तो एसी कंपार्टमेंट में था, पर बाहर भयंकर गर्मी थी। जब ट्रेन स्टेशन छोड़ रही थी तो मैंने देखा कि एक कुली ऐसी गर्मी में भी अपने पास में रखे खूब सारे बैग की आड़ में बड़े आराम से सो रहा है। कुछ ही दिनों बाद टीवी पर कोका कोला का विज्ञापन छा गया। इसमें कुली कोका कोला के कैरेट की छांव में आराम से सोता दिखाया गया था। इसमें कैप्शन दिया गया था-ठंडा मतलब कोका-कोला। इस एक एड ने मुझे हीरो बना दिया। यह मुझे हापुर रेलवे स्टेशन से मिला था। इसी के बूते मैंने 2003 में गोल्डन लॉयन अवार्ड जीता।
मैं फिल्मों के लिए गीत लिख रहा हूं और कविता लिखने का काम भी करता हूं। कविताओं की मेरी चार किताबें आ चुकी हैं। इसके साथ ही मैं घूमने में भी बहुत रुचि रखता हूं। ये सारे प्यारे-प्यारे काम हैं जो मुझे पसंद हैं। ‘रंग दे बसंती’, ‘तारे जमीं पर,’ ‘हम-तुम’,‘फना’ के गीत लिखते समय भी कविता की समझ बहुत काम आई। अच्छी कविता हमेशा दूसरों को भी अच्छी लगती है। मैं अपनी विज्ञापन फिल्मों के छोटे गीत भी खुद गाता हूं। यह काम मुझे अच्छा लगता है। तुम भी अलग-अलग चीजों में रुचि पैदा करो। इससे तुम ‘मास्टर आॅफ आॅल’ बनोगे। क्या पता कौन सी चीज कब काम आ जाए।
मैं उत्तरांचल के अल्मोड़ा का रहने वाला हूं। मेरे माता-पिता चाहते थे कि मैं एमबीए करके अच्छी सी नौकरी करूं, तो उनकी इच्छा के लिए मैंने एमबीए कर लिया। इसके बाद मुझे उसी तरह की नौकरी के ऑफर आने लगे, जिस तरह की नौकरी एमबीए करने के बाद मिलती है। पर मैंने कई एड एजेंसियों के चक्कर लगाए और कॉपी टेस्ट दिए। इसे मेरे दोस्त सनकीपन मानते थे। ये चक्कर ज्यादा दिन तक नहीं लगाने पड़े। ओगिल्बी एंड मॅथर में एक दिन कॉपी टेस्ट के लिए गया तो, वहां के क्रिएटिव हेड ने किसी टाइल्स का एक टुकड़ा मुझे देते कहा कि 2 घंटे में इस पर कुछ लिखकर दो। मैंने 10 मिनट में ही कॉपी लिखकर दे दी। और इसके बाद मुझे नौकरी मिल गई। मैंने जो लाइनें लिखी थी कि ‘यह टाइल्स खरीदने के लिए आपको अमीर होना होगा। कल्पनाओं से अमीर’। इस तरह एक लाइन जिंदगी बदल सकती है। इस कंपनी के साथ मैंने 10 साल काम किया और पीयूष पाण्डे के साथ रहकर बहुत कुछ सीखा। वे गजब के आदमी हैं। इसके बाद मैं मॅक्केन-इरिकसन के साथ जुड़ गया। यहां काम करते हुए ही अब मैं तरह-तरह के काम कर रहा हूं।
काम कहीं भी करो बस अपने आस-पास की चीजों को देखो। जिंदगी को देखने की नजर मिल जाए, तो कई नए रंग खिल जाते हैं। तुम ‘तारे जमीं पर’ के गाने सुनना। इसमें कई मजेदार शब्दों को मैंने गाने में इस्तेमाल किया है।
तुम जैसे दोस्तों के लिए इसमें मेरा संदेश भी छुपा है। अमिर खान के साथ मेरी गजब की दोस्ती है। इसका कारण यही है कि वह मुझे अच्छी तरह समझता है और मैं उसे। दो दोस्त मिलकर अच्छा काम कर सकते हैं।
जैसे तुम अपने दोस्त के साथ मिलकर अपने होमवर्क की कठिनाइयां सुलझा सकते हो। अपने दोस्तो के साथ तुम दो नए गेम सीख सकते हो। एक विषय तुम्हारा और एक विषय उसका, इस तरह तुम्हें दो विषय आ सकते हैं। एक बात और, अगर तुम कुछ करना चाहते हो तो दूसरों की देखादेखी मत करो। अपना अलग रास्ता चुनो। देखो तुम क्या बेहतर कर सकते हो।
जब तुम ऐसा कुछ करने लग जाओगे तो समझो कि तुमने अपना रास्ता खोज लिया है। मैं अपने हर विज्ञापन में इस तरह का नयापन लाने की कोशिश करता हूं और मुझे खुशी होती है, जब लोग मेरे बनाए विज्ञापनों के बारे में बात करते हैं। नया कुछ करो तो डरो मत, क्योंकि कई बार नई चीज लोगों की समझ में नहीं आती है। पर देर-सवेर तुम्हारा अच्छा काम पहचाना जरूर जाता है और इसलिए हर दिन नया काम करते रहो।
( बाल पत्रिका स्नेह से साभार)

3 टिप्‍पणियां:

Abhishek Mishra ने कहा…

Accha pryas kar rahe hain aap, shubhkaamnayein.

sanjaygrover ने कहा…

नया कुछ करो तो डरो मत, क्योंकि कई बार नई चीज लोगों की समझ में नहीं आती है। पर देर-सवेर तुम्हारा अच्छा काम पहचाना जरूर जाता है और इसलिए हर दिन नया काम करते रहो।

Achchha lagaa.

संगीता पुरी ने कहा…

अच्‍छी सीख मिली बच्‍चों को प्रसून जोशी जी के द्वारा ... इसके लिए आपका आभार।