शुक्रवार, 4 दिसंबर 2009

‘राज-पिछले जनम का’ में भोपाल की स्वाति सिंह


1966 की हवाई दुर्घटना में गंवाया था पिछला जीवन
अमिताभ फरोग
7 दिसंबर से ‘एनडीटीवी इमेजिन’ पर शुरू हो रहे रियलिटी शो-‘राज-पिछले जनम का’ में भोपाल की स्वाति सिंह ने अपनी पिछली दुनिया के कई रहस्यों से पर्दा से उठाया है।
यह शो का पहला एपीसोड रहेगा...


भोपाल की रहने वालीं स्वाति सिंह रियलिटी शो-‘राज पिछले जनम का’ के जरिये अपना पिछला जन्म देखने के बाद से हैरान हैं। स्वाति सिंह ऐसी पहली प्रतिभागी हैं, जिनके पिछले जन्म का राज पहले ही एपीसोड में दुनिया के सामने आने वाला है।
शो के मुताबिक, पिछले जन्म में स्वाति सिंह की मौत वर्ष 1966 में एक हवाई दुर्घटना में हुई थी। एयर इंडिया की फ्लाइट नंबर 101 ‘बोइंग-707’ प्लेन अपनी नियमित उड़ान के तहत मुंबई से न्यूयार्क के लिए उड़ा था, जो फ्रांस की मोंट ब्लैंक पहाड़ियों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। गौरतलब है कि इस हवाई हादसे में विश्वप्रसिद्ध परमाणु वैज्ञानिक और ‘इंडियन अटोमिक एनर्जी कमिशन’ के चेयरमैन डॉ. होमी जहांगीर भाभा की भी मौत हो गई थी। वे वियना जा रहे थे। तब ऐसा प्रचारित हुआ था कि; इस दुर्घटना के पीछे अमेरिकी खुफिया एजेंसी-‘सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी-सीआईए’ का षड्यंत्र है।
शो में स्वाति सिंह को ‘पास्ट लाइफ रिग्रेशन टेक्निक’ से कान्शस मेडिटेटिव की सहायता से उनके पिछले जन्म में ले जाया गया। इस तकनीक को हैंडल कर रही हैं जानी-मानी साइकोलॉजिस्ट डॉ. तृप्ति जेईन। पिछले जन्म में स्वाति सिंह ने खुद को एक सेलर मि. डी. सिंह के रूप में पाया। उनके मुताबिक, अचानक एयरक्राफ्ट में धुंआ भरने लगा था और पैसेंजर घबराकर इधर-उधर भागने लगे। उन्हें अपनी मौत नजदीक आते दिखाई पड़ रही थी। इस विमान में कुल 106 पैसेंजर और 11 क्रू मैंबर्स सवार थे। इस दुर्घटना कोई जिंदा नहीं बच सका था।
दरअसल, स्वाति सिंह जब भी हवाई यात्रा करती हैं, तो उनके भीतर एक डर-सा बैठा रहता है। खासकर प्लेन के टेक-आॅफ और लैंडिंग के दरमियान तो वे कंपकपाने लगती हैं। स्वाति सिंह के मुताबिक, इस शो के माध्यम से अपने पिछले जन्म में जाने से पहले वे ‘पास्ट लाइफ रिग्रेशन’ को कोरा अंधविश्वास ही मानती थीं, लेकिन अब उनकी सोच बदल गई है। उन्होंने शो में कहा-‘मैंने अपने पिछले जन्म में जाकर जो कुछ देखा; वह मेरी कल्पना से परे है। मुझे महसूस होने लगा है कि; इस दुनिया से परे भी कुछ चीज तो है!’
पहले मैं भी ऐसी बातों पर बिलीव
नहीं करता था। लेकिन अब कह सकता हूं कि यह भी एक साइंस है।
रवि किशन, होस्ट

1 टिप्पणी:

ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ ने कहा…

अभी ‘पास्ट लाइफ रिग्रेशन’ पर कमेंट करना जल्दीबाजी होगी, क्योंकि इस तकनीक के बारे में ज्यादा कुछ नहीं पता। वैसे इस धारावाहिक का प्रसारण शुरू होने के बाद ही इसपर कुछ कहा जा सकेगा।
वैसे कहा जाता है कि 84 लाख योनियों में आत्मा को मानव योनि बडी मुश्किल से मिलती है। ऐसे में धारावाहिक में यह देखना दिलचस्प रहेगा कि क्या कोई मनुष्य योनि से इतर वाला व्यक्ति भी शामिल हुआ है अथवा नहीं।

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अदभुत है मानव शरीर।
गोमुख नहीं रहेगा, तो गंगा कहाँ बचेगी ?